राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित।
ललित होंडा बौद्धिक भारत भीनमाल
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर स्थानीय राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश गोपाल सैनी एवं प्रधानाचार्य तेजाराम की मौजूदगी में विधिक चेतना शिविर का आयोजन हुआ। बालिका दिवस के अवसर पर अपर जिला न्यायाधीश ने कहा कि शिक्षा अंधेरे से उजाले की तरफ ले जाती है। बालिकाओं के लिए पढ़ाई प्रगति करने व सशक्त बनने का मूल आधार है। न्यायाधीश ने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा समाज में व्याप्त है जिसकी रोकथाम में बालिकाऐं अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जालौर जिले में आटे-साटे प्रथा ज्यादा देखने को मिलती है। इसका कारण समाज में लड़कियों की कमी होना बताता है। इससे मन-मुटाव पर दोनों तरफ से दो परिवार टूटने का सिलसिला बनता है। ज्यादातर लोग कन्या भ्रूण को गर्भ में ही खत्म कर देते हैं। इसकी रोकथाम के लिए जागरूकता रखें तथा जानकारी पर पुलिस प्रशासन को सूचना दें। इसको रोकने के लिए बालिकाओं को शिक्षा के माध्यम से समाज की विचारधारा में परिवर्तन लाना होगा। न्यायाधीश ने संबोधन में कहा कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता” अर्थात प्राचीन काल से ही नारी को सम्मान दिया जाता है लेकिन आधुनिकता की दौड़ में बालिका के जन्म पर परिवारों में खुशियां नहीं देखी जाती जबकि लड़कियां दो घरों का नाम रोशन करती है। शिक्षा प्राप्त कर समय के साथ लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है तथा समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने में अच्छी भूमिका अदा कर रही है। कार्यक्रम में भामाशाहों की ओर विद्यालय में ऊनी वस्त्र वितरण सहित विद्यालय में स्टील अलमारी भेंट की गई। कार्यक्रम का मंच संचालन व्याख्याता अमृत जीनगर ने किया। शिविर में व्याख्याता लादूराम, जयनारायण सहित समस्त स्टाफ व काफी तादाद में छात्राएं मौजूद रही।