माउन्ट आबू प्रशासन की बेरुखी के चलते शहर का एकमात्र पोलो ग्राउंड बदहाली का शिकार हो रहा है।

हरीश कुमार गोयल बौद्धिक भारत समाचार

प्रशासन की बेरुखी के चलते शहर का एकमात्र पोलो ग्राउंड बदहाली का शिकार हो रहा है। जगह-जगह टूटा वॉक पाथ, गंदगी के ढेर और खूले वायरों के कारण खिलाड़ियों के साथ ही यहां आने वाले सैलानियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मॉनिटरिंग कमेटी ने एक महीने पहले इसका जायजा लेकर नगर पालिका को इसको सही कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है।
राज्य के एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में हर वर्ष लाखों सैलानी भ्रमण को आते हैं। वहीं, शहर का एकमात्र पोलो ग्राउंड हाल बदहाल स्थिति में नजर आ रहा है। पोलो ग्राउंड में सवेरे-शाम लोग भ्रमण के लिए वॉक-पाथ पर निकलते हैं, जहां उन्हें टूटी वॉक-पाथ से निकलना पड़ता है। पोलो ग्राउंड के चारों ओर नगर पालिका की ओर से काफी समय पहले वॉक-पाथ बनाया गया था, लेकिन आज ये खराब हालत में है। सवेरे-शाम घूमने आने वाले लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वॉक-पाथ के पास खुला पड़ा नाला ओर फैल रही गंदगी से नागरिक लगातार परेशान हो रहे हैं। वहीं कई जगह पर लाइट के वायर खुले हुए हैं। इससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है। 19 दिसंबर को मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष सुधीर जैन ने शहर के पोलो ग्राउंड का निरीक्षण किया था। उन्होंने नगर-पालिका को दिशा निर्देश देकर वॉक पाथ को ठीक कराने के लिए कहा था, जिससे सवेरे-शाम घूमने आने वाले स्थानीय लोगों के साथ टूरिस्ट को भी परेशानी नहीं हो, लेकिन उसके 1 महीने के बाद भी पालिका कर्मचारियों की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष जीतू राणा ने कहा कि सीएम की बजट मीटिंग आयोजित होने वाली है। माउंट आबू के पोलोग्राउंड के लिए डीपीआर बनाकर भेजी हुई है। अगर पोलो ग्राउंड के लिए बजट मिलता है तो हम उसी से सभी कार्य करवाएंगे। अगर बजट नहीं मिलता है तो पालिका अपने स्तर पर कार्य करवाएगी।

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