रानीवाड़ा तहसील के कोटड़ा गांव में पहली बार शनिवार शाम तक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

हितेंद्र जोशी बौद्धिक भारत समाचार

रानीवाड़ा तहसील के कोटड़ा गांव में पहली बार शनिवार शाम तक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिले में पहली बार 21 महिलाओं ने रक्तदान किया। गांव में हुए ऐसे नवाचार में भाजपा कांग्रेस के नेताओं के अलावा खासकर एम्स जोधपुर के उपनिदेशक नैनाराम बिश्नोई की मौजूदगी से रक्तदान करने वाले युवा काफी मोटिवेट हुए। छोटे से ढ़ाणीनुमा में 101 यूनिट रक्त का कलेक्शन होना उसमें 21 महिलाओं की भागीदारी बड़ी बात है। यह कार्यक्रम युवा किसान रामलाल कांवा ने अपने छोटे भाई की पहली बरसी पर आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि रानीवाड़ा विधायक नारायणसिंह देवल ने कहा कि खून एक बूंद से किसी का जीवन बचाया जा सकता है। ऐसे में रक्तदान में महिलाओं की भागीदारी की बेहतरीन शुरुआत अच्छे कल का संकेत है। सांचौर के पूर्व विधायक हीरालाल बिश्नोई ने कहा कि रक्तदान के लिए हर गांव ढ़ाणी में दीवार पर स्लोगन लिखकर आमजन को जागरूक करना चाहिए।
एम्स उपनिदेशक एनआर बिश्नोई ने बताया कि रक्तदान हर स्वस्थ व्यक्ति को करना चाहिए। रक्तदाता को दिल की बिमारी नहीं होती। अक्सर देखा जाता है कि रक्तदान से शरीर में कमजोरी आती है। जबकि ऐसा नहीं है, रक्तदान से कैंसर, हार्ट स्ट्रोक, अत्यधिक वजन से मुक्ति मिलती है। रक्तदान कार्यक्रम के संयोजक रामलाल कांवा ने अतिथियों का बहुमान किया। इस मौके पर कांग्रेस नेता श्याम खिचड़ लूनी, सरपंच सहीराम जांगु, सेवाडा सरपंच अमरसिंह जांगु, परसराम ढाका, डॉ. रमेश देवासी, हेमाराम जांगु, उपसरपंच पूनमाराम गोदारा, मुकेश गोदारा, पेमाराम लोमरोड, जयकिशन जांगू, धोलाराम डारा, हेमाराम जांगू, सोहनलाल सारण, दिनेश खीचड़, जगदीश खीचड़ सहित कई जनों ने सहयोग दिया।

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