सांचौर शहर की जेल में वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर मैस का बहिष्कार करते हुए

प्रवीण जोशी बौद्धिक भारत समाचार

सांचौर शहर की जेल में वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर मैस का बहिष्कार करते हुए जेल प्रहरी सांचौर जेल परिसर के अंदर प्रदर्शन करते हुए जेल परिसर के बाहर टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान जेल प्रहरियों ने बताया कि पिछले लंबे समय से वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग सरकार से कर रहे है, लेकिन सरकार हमारी मांग को नजर अंदाज कर रही है। प्रदर्शन के बाद जेल प्रहरियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया। धरना दे रहे जेल प्रहरियों ने बताया कि वर्ष 2017 में राज्य सरकार व विभाग के अधिकारियों के मध्य कारागार कार्मिकों के आर्थिक हितों (वेतन विसंगति) को ध्यान में रखते हुए एक समझौता हुआ था। इसके बावजूद भी जेल कर्मी की वेतनमान विसंगति अभी भी बरकरार है। समझौते को लागू नहीं किया गया है। इसको लेकर जेल कर्मियों में रोष व्याप्त है और मेस का बहिस्कार कर आंदोलन कर रहे है। जेल कर्मियों का कहना है कि आरएसी के जवान जेल के बाहर की सुरक्षा देखते हैं, जबकि जेल प्रहरी जेल के अंदर बिना मोबाइल 8 घंटे से भी ज्यादा हार्ड ड्यूटी करते हैं। मगर फिर भी उनका वेतन आरएसी के जवानों की तुलना में भी कम है। जेल प्रहरी के इस आंदोलन को जेल विभाग के बड़े अधिकारियों ने भी समर्थन दिया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि इस संबंध में समय-समय पर सीएम, जेल मंत्री, जेल डीजी को भी ज्ञापन देकर अवगत कराया गया था, लेकिन राज्य सरकार व विभाग की ओर से अभी तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है ना ही कोई कार्रवाई की गई है।

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