जालोर में भीषण गर्मी में लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इन सबके बीच कई लोग नर्मदा परियोजना की मुख्य पाइप लाइन से बड़ी मात्रा में पानी चोरी कर खेतों में सिंचाई कर रहे हैं। लोगों ने अपने खेतों में स्थित कुओं तक बड़ी पाइपलाइन बिछा दी है और उससे कुएं रिचार्ज कर रहे हैं। नर्मदा परियोजना की मुख्य पाइप लाइन से लाखों लीटर पानी चोरी का मामला तैतरोल से डीएस ढाणी के बीच करीब 4 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन पर देखने को मिला। यहां लोगों ने करीब 20 अवैध कनेक्शन कर लिए। इस बारे में मौखिक शिकायत का समाधान नहीं होने पर जिला परिषद सदस्य कमलेश कुमार बिश्नोई ने 14 मई को कलेक्टर को शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद विभाग हरकत में आया और अवैध कनेक्शन चिह्नित कर उनको हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
10 इंच की पाइपलाइन से पानी की चोरी
किसानों ने अपने खेत के मुहाने और अंदर से गुजर रही 10 इंच की पाइप लाइन को खोद डाला और इसमें छेद कर 2 इंच और इससे भी अधिक क्षमता की पाइप लाइन बिछाकर कुंओं को रिचार्ज कर रहे हैं। नर्मदा की लाइन से पानी चोरी के कारण डीएस ढाणी में पानी की सप्लाई पूरी तरह से बंद हो गई और ग्रामीणों को टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। बड़े स्तर पर पानी चोरी को लेकर 14 मई को जिला परिषद सदस्य ने कलेक्टर को पत्र लिखा, जिसमें बताया कि डीएस ढाणी में पेयजल सप्लाई के लिए तैतरोल स्कीम से 10 इंची पाइपलाइन बिछाई गई। इस लाइन में कुछ लोग अवैध कनेक्शन करके कुंओं को रिचार्ज कर रहे हैं और ग्रामीणों को पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है।
शिकायत के बाद हरकत में आया विभाग
कलेक्टर को शिकायत के बाद जिला प्रशासन से विभाग को इसकी शिकायत मिली। इस पर अधिकारियों ने जांच शुरू की तो चौंकाने तथ्य सामने आए। केवल 4 किलोमीटर के दायरे में ही पाइपलाइन पर 20 से ज्यादा अवैध कनेक्शन मिले। इस पर विभाग ने 8 कनेक्शन हटा दिए, जबकि अन्य अवैध कनेक्शन को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। नर्मदा नहर परियोजना के एसई केएल कांत ने कहा कि मुख्य पाइप लाइन से पानी चोरी की शिकायत मिलने के बाद जांच की गई थी, जिसमें करीब 20 अवैध कनेक्शन चिह्नित किए हैं। कुछ अवैध कनेक्शन को हटाने के साथ झाब थाने में केस दर्ज करवाया जा रहा है।