शिक्षक की समाज एवं राष्ट्र की दिशा व दशा में महत्वपूर्ण भूमिका:- देवल

-खुले अधिवेशन में शिक्षक की समस्याओ पर प्रस्ताव पारित-

भीनमाल:-शिक्षक समाज एवं राष्ट्र की दिशा व दशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है शिक्षकों का राष्ट्र निर्माण के पवित्र कार्य में योगदान अनुकरणीय है।
यह विचार भीनमाल के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक संघ राष्ट्रीय के दो दिवसीय अधिवेशन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए रानीवाड़ा विधायक नारायणसिंह देवल ने व्यक्त किए ,देवल ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में हर मोर्चे पर सामाजिक सरोकार सहित हर कार्य में शिक्षकों ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक आदिकाल से समाज का आधार रहा है। देवल ने पाश्चात्य संस्कृति व वामपंथी विचारधारा को शिक्षा में थोपने से शिक्षा के स्तर में गिरावट आई है। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ऊमसिंह चांदराई ने कहा कि शिक्षा सर्वांगीण विकास का आधार है अतः गुरु को परमात्मा से बड़ा माना गया है हमें सदैव संगठन को मजबूत करने हेतु प्रयासरत रहना चाहिए,राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रांतीय पर्यवेक्षक अमरजीत सिंह राठौड़ ने अपने उद्बोधन में शिक्षक संघ राष्ट्रीय की संगठनात्मक गतिविधियों के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि संगठन शिक्षक समस्याओं के निराकरण के लिए कृत संकल्प है वहीं सामाजिक सरोकार के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
भारत विकास परिषद के अध्यक्ष संजीव चौधरी ने राष्ट्रवादी विचारधारा को बालकों के मन मस्तिष्क में आत्मसात करवाने का आह्वान करते हुए हर संभव सहयोग की बात कही।
कागमाला के राज्य पुरस्कार से सम्मानित प्रधानाचार्य नारायण लाल जीनगर ने शिक्षा में नवाचार विषय पर लर्न बाय फन के संबंध में शैक्षिक वार्ता दी।संगठन के जिलाध्यक्ष गुलाब भाटी एवं जिला मंत्री शैतान सिंह राजपुरोहित ने बताया दूसरे दिन खुले सत्र में शैक्षिक समस्याओं के साथ शिक्षक,शिक्षार्थी एवं समाज हित के प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भिजवाने का ध्वनिमत से अनुमोदन किया गया ,खुले अधिवेशन के माध्यम से जिला कार्यकारिणी सहित जिले के सभी 10 उपशाखाओ के पदाधिकारी सहित कार्यकर्ताओं ने खुले मंच के माध्यम से शैक्षिक समाचार शिक्षा की समस्या के संबंध में विचार व्यक्त किए।
संयोजक महेंद्र सिंह राव ने बताया कि समापन समारोह में राज्य पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षक संगठन की सेवानिवृत्त शिक्षकों सहित सदस्यता अभियान में सर्वाधिक सदस्यता वाले कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया वहीं भोजन व्यवस्था के लिए संजीव माथुर तथा स्मृति चिह्न के लिए संभाग संयुक्त मंत्री श्री अंबिका प्रसाद तिवारी जिला मंत्री शैतान सिंह राजपुरोहित का भी अभिनंदन किया गया।
समापन समारोह में पूर्व जिलाध्यक्ष दीपसिंह देवल नारायण सिंह राठौड़ एवं दलपत सिंह देवड़ा का भी संगठन में योगदान के लिए माल्यार्पण साफा बांधकर अभिनंदन किया गया।
जिला मंत्री शैतान सिंह राजपुरोहित ने बताया कि खुले सत्र में एनपीएस की जगह ओपिएस देने ,सभी संवर्ग व कैडर की डीपीसी करने , पदोन्नति विसंगति का निवारण करने, माध्यमिक शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न लागू करने, प्रबोधको की पदोन्नति के साथ वंचित पैराटीचर एवं संविदा शिक्षकों को प्रबोधक बनाने, कोविड-19 के दौरान काल कवलित हुए शिक्षकों को 50 लाख का भुगतान करवाने ,स्थानांतरण नीति सहित विभिन्न शिक्षक समस्याओं पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को प्रेषित किया गया।
सम्मेलन संयोजक महेंद्रसिंह राव एवं सह संयोजक कृपाल सिंह देवल का रानीवाड़ा विधायक नारायणसिंह देवल एवं ऊमसिंह चांदराई ने साफा व हार पहनाकर सम्मान किया।
समारोह का संचालन जिला कोषाध्यक्ष धर्म राम चारण ने किया। इस अवसर पर तारा चंद भारद्वाज, मोहनलाल जाणी ,घनश्याम व्यास जिला संगठन मंत्री बाबू पुरी गोस्वामी नंदलाल दवे, बाबूलाल सेन, प्रतापा राम जाट,महेंद्र चौधरी,शांति लाल परमार , तेजपाल सिंह , राजेंद्र सिंह, विजय सिंह, रतन दवे ,राजेश सेन,प्रेम प्रकाश प्रकाश कुमार कलबी, गणपत दान चारण ,ठाकराराम,घनश्याम व्यास सहित कई शिक्षकों ने भाग लिया।

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