छात्र-छात्राएं अपनी उच्च शिक्षा का ध्यान रखें-एसीजेएम चारण

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री शरद तंवर के निर्देशन में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बृजपाल दान चारण की अध्यक्षता में पैन इंडिया अवेयरनेस एण्ड आउटरीच कैंपेन के तहत आज प्रातः सेठ चुनीलाल हंसराज राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भीनमाल में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत विशाल विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया व कानूनी जागरूकता प्रभात फेरी को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया. शिविर में बालक बालिकाओं को संबोधित करते हुए चारण ने कहा कि हमें अपने संविधान के तहत प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के साथ ही अपने कर्तव्य पालन पर भी विशेष अनुशासन से ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने उच्च शिक्षा पर बताया की संविधान द्वारा देश को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की व्यवस्था बनाई गयी हैं., एक बालिका के प्रश्न के जवाब में चारण ने बताया कि किस प्रकार से आईएएस,आईपीएस, आरएएस व आरपीएस की परीक्षाओं के लिए समर्थ बनकर देश की सेवा कर सकते हैं. कौनसी संस्थायें इसके लिए परिक्षाओं का आयोजन करवाती व परिक्षाओं के लिए क्या पात्रता होनी चाहिए. इसके अतिरिक्त कानून के विषय पर जानकारी देते हुए एसीजेएम चारण ने बताया कि कोई भी व्यक्ति कानूनी अनभिज्ञता को बताकर कोई अपराध करता है तो उसे क्षमा नहीं किया जा सकता. अतः हमें अपने मुख्य दैनिक उपयोग में काम आने वालें कानूनों की जानकारी रखनी चाहिए ताकि हम समाज के व देश के लिए कुछ कर सके. समाज में व्याप्त कुरीतियों बाल विवाह, मृत्यु भोज मृत्यु भोज, दहेज प्रथा इत्यादि को बंद करने में आज के नौजवानों को आगे आने का आह्वान किया, साथ ही बताया कि कई पिछड़े समाजो में ऐसी प्रथा प्रचलित है कि वहां मृत्यु भोज की प्रथा नहीं है बल्कि समाज के लोग किसी परिवार में किसी की मौत होने पर उनके लिए आर्थिक सहयोग करते हैं जिससे कि गरीब व्यक्ति आर्थिक तंगी में ना आए. चारण ने बताया की देश में पशु क्रूरता निवारण कानून बना हुआ है, जिससे कि मूक पशुओं को किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया जाये. चारण ने नालसा की नशा उन्मूलन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि नशा एक बहुत बुरी आदत है, जिससे न सिर्फ नशा करने वाले पर बुरा प्रभाव पड़ता है बल्कि उसका पूरा परिवार इससे प्रभावित होता है. आज के बालकों को नशा प्रवृत्ति के रास्ते पर नहीं जाना चाहिए, इससे केरियर बर्बाद होता है तथा अपने परिवार में बड़े बुड्ढों को भी नशा न करने या उन्हें छुड़वाने के प्रयास करने चाहिए.
आउटरीच अवेयरनेस कैंपेन के तहत कानूनी जागरूकता शिविर के साथ-साथ विधिक जागरूकता प्रभात फैरी को भी एसीजेएम चारण ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, यह विद्यालय से लेकर शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए महावीर चौक चौराहे पहुंची. जजहाँसे पुनः विद्यालय आकर विसर्जित हुई. कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रिंसिपल निम्बाराम सहित काफी तादाद में छात्र छात्राऐं व स्टाफ़ उपस्थित रहे.

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