गणपत दवे बौद्धिक भारत जालोर
प्रदेश की वर्तमान सरकार ने पूर्व सरकार द्वारा घोषित जिला मुख्यालय से 145 किलोमीटर दूर सांचोर जिले को निरस्त किया गया है। परन्तु डींग, खेरथल व सलुम्बर जिले जो आबादी के हिसाब से सांचौर जिले के करीब-करीब बराबर हैं। डींग जिले की भरतपुर जिले से मात्र 35 किमी दूर, खैरथल जिला अलवर जिले से मात्र 45 किमी दुर व सलुम्बर जिला उदयपुर जिले से 70 किमी दूर है इनको निरस्त नहीं किया है, सांचोर जिला बचाओ संघर्ष समिति ने प्रेसनोट जारी कर बताया की आज धरने में सुखराम बिश्नोई पूर्व राज्यमंत्री ने कहा की सांचौर जिला जालोर जिले से 145 किमी दूर व अंतिम गांव आकोड़िंया रणखार करीब 250 किमी दूर हैं। पूर्व सरकार द्वारा गठित रामलुभाया कमेटी ने नवगठित जिलों में दूरी व आबादी को मानकर नये जिले गठित किये थे। जबकि वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा कौनसे आधार पर जिलों को निरस्त किया गया कोई स्पष्ट नहीं हैं। सांचैर जिला बनने से जिला मुख्यालय नजदीक होने पर आमजन के लोगों के सभी जिले स्तर के कार्य जल्द होने लगे व आर्थिक बोझ भी ज्यादा नहीं रहा। वर्तमान सरकार सांचोर जिले को किस आधार पर निरस्त किया, इसका न्यायपालिका निस्तारण करेंगे धरने को पुखराज पराशर पूर्व जन आभाव अभियोग समिति के अध्यक्ष ने संबोधित करते हुए कहा की सांचोर जिला बनाने में कांग्रेस पार्टी ने रामलुभाया कमेटी के रिपोर्ट अनुसार बनाया था जिसमें सभी मापदण्ड पूर्ण थे उन मापदंडो के आधार पर सभी नए जिले और संभाग बनाए थे, जिसको वर्तमान सरकार ने किस आधार पर निरस्त किया कोई जानकारी नहीं है, सांचोर जिला बनाने का सभी मापदण्ड पूर्ण है सांचोर जिले को पुनः जिला बनाकर रहेंगे वर्तमान सरकार सिर्प पूर्व सरकार द्वारा किये गए कार्यो को निरस्त करने में लगी हुई है, सवाराम पटेल पूर्व विधायक आहोर ने संबोधित करते हुए कहा की सांचोर जिले को किस आधर पर निरस्त किया सांचोर जिला नहीं रखने का क्या करण है सरकार एक भी कमी नहीं बता पाई है इसमें लगता है की वर्त्तमान सरकार भेदभाव कर रही है नहीं तो सांचोर जिले को निरस्त करने का कोई एक ही गलत मापदण्ड बताये, धरने को भीमाराम चौधरी संयोजक सांचोर जिला बचाओ संघर्ष समिति, हिन्दुसिंह चौहान प्रधान प्रतिनिधि, नरेश सेठ अध्यक्ष नगरपरिषद सांचोर ने संबोधित किया, कहा की किसी भी लोक कल्याणकारी सरकार की जिम्मेदारी बनती हैं कि जनहित में लिए गए निर्णय किसी भी सरकार ने लिए हो प्रत्येक आने वाली सरकारे उन कार्यो को आगे बढाती हैं परन्तु वर्तमान भाजपा सरकार ने पिछले डेढ साल से व्यवस्थित तरीके से चल रहे सांचैर जिले को निरस्त कर बहुत बड़ी भूल की हैं। हम उसकी कड़ी निंदा करते हैं सांचैर जिलेवासियों मैं सांचोर जिले को निरस्त करने पर लोगों में भंयकर आक्रोश हैं ऐसी स्थिति में हम ज्ञापन के जरिये आपको सूचित करते हैं कि जब तक जिला पुनः घोषित नहीं होता हैं तब तक हमारा धरणा जारी रहेगा। दिनांक- 29 दिसम्बर 2024 से आज दिनांक – 24 जनवरी 2025 को 27 वें दिन ग्राम पंचायत भड्वल पंचायतवासियों ने धरने में अपनी उपस्थिति दी। जिसमें आज केशाराम मेहरा धमाना, रामावतार मांजू पूर्व सरपंच जाखल, पीराराम देवासी फालना, दिनेश वैष्णव, हरीश परमार, केवलचंद सेठिया, मनोहर सिंह, सुरेश महेश्वरी, दिलीप खोरवाल, महेंद्र माली, मोहनसिंह राव बोरली, भगराज देवासी गोलासन, आइदान सरपंच छजारा, नेनाराम जाट छजारा, अमृत पुरोहित, लच्छाराम जाट, कानाराम, हरचंद राम पुरुषोतम, पीराराम पुरोहित, संवालाराम पुरोहित, रमेश कुमार, जोधाराम, प्रवीण कुमार, गलाराम माजिराना, सुलेमान खान, भूराराम सारण, नेताराम लुहार, रुडाराम सुथार सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजुद रहें। हमारा दैनिक धरना व मासिक महापड़ाव जारी हैं। जिसमे कल दिनांक– 27 जनवरी 2025 को ग्राम पंचायत अचलपुर पंचायतवासी सांचोर जिला बचाओं संघर्ष समिति सांचोर के धरनें में उपस्थिति देंगे उक्त धरने व महापड़ाव की समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी।
एडवोकेट भीमाराम चौधरी, संयोजक सांचोर जिला बचाओं संघर्ष