नर्मदा नीर को लेकर आंदोलन तेज,28 से चक्का जाम भीनमाल-भीनमाल नगर सहित विधानसभा क्षेत्रवासियों को पेयजल संकट से निजात दिलवाने की मांग को लेकर नगरवासियों द्वारा गठित नर्मदा नीर संघर्ष समिति द्वारा स्थानीय एसडीएम कार्यालय के समक्ष आयोजित अनिशिचतकालीन धरना प्रदर्शन, हस्ताक्षर अभियान व क्रमिक अनशन धमने का नाम नही ले रहा है।सरकार, प्रसाशन व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की वजह से आंदोलन धीरे धीरे उग्र रूप धारण कर रहा है।नगरवासियों के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्र व विभिन्न समाज भी आंदोलन से जुड़कर समर्थन की होड मची हुई हैं।गुरुवार को धरना प्रदर्शन के 39 वे दिन बारिश के बावजूद धरना प्रदर्शन जारी रहा।इस दौरान श्री मारु प्रजापति(कुमावत)समाज द्वारा धरना देकर पीएम व सीएम के नाम उपखंड अधिकारी जवाहरराम चौधरी को ज्ञापन सौपकर नर्मदा का पानी दिसम्बर 31तक उपलब्ध करवाने की मांग की है।समाज के अध्यक्ष जामताराम प्रजापति, कोषाध्यक्ष कस्तूराराम प्रजापति व सचिव राजेश सोलंकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रजापति समाज के लोग रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए धरना स्थल पहुंचे।यहाँ करीब घन्टाभर तक धरना देकर समिति की मांग को जायज ठहराते हुए पूर्ण समर्थन का ऐलान किया।इसके बाद उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौपा।ज्ञापन में राज्य सरकार से नर्मदा परियोजना ईआर प्रोजेक्ट के कार्य मे गति लाकर दिसम्बर तक भीनमाल क्षेत्रवासियों को पानी उपलब्ध करवाने की मांग की,अन्यथा 28 सितम्बर से चक्का जाम का अल्टीमेटम दिया गया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग व समिति के कार्यकर्ता मौजूद थे।इससे पूर्व बुधवार रात्रि को एसडीएम आवास के बाहर महिलाओं व पुरुषों द्वारा ढोल,थाली व वाद्ययंत्र बजाकर प्रसाशन को जगाने का प्रयास किया।एसडीएम आवास के बाहर लोगो की भारी भीड़ व कानून व्यवस्था बिगड़ने की संभावना के चलते एसडीएम आवास,विधायक पूराराम चौधरी व पूर्व विधायक डॉ समरजीतसिंह के आवास के बाहर पुलिस उप अधीक्षक शंकरलाल व थाना अधिकारी दुलीचंद गुर्जर के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।गुरुवार को भी एसडीएम कार्यालय के बाहर थानाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा।ज्ञात रहे कि यदि सरकार, प्रसाशन व जनप्रतिनिधियों द्वारा आंदोलन का समाधान नही निकाला गया तो,यह आंदोलन बड़ा रूप धारण कर सकता हैं, जिसका प्रभाव जिलेभर में होगा।इस दौरान कानून व्यवस्था का संकट भी खड़ा हो सकता है।