संगीता अग्रवाल आर्ट ऑफ़ लिविंग की सहज समाधि शिक्षिका बनी

ललित विश्वास बौद्धिक भारत आबू रोड

आर्ट ऑफ लिविंग के बेंगलोर मुख्यालय आश्रम में सहज समाधि की टीचर ट्रेनिग प्रोग्राम करके संगीता अग्रवाल शिक्षिका बनी, इस बार राजस्थान से एक मात्र इनको सलेक्ट करके सहज समाधि की ट्रेनिग के गई थी, यह कोर्स की टेर्निग आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर जी की बहन भानु-मा ने दी औऱ सहज समाधि के लिए गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर जी ब्लेस किया। संगीता अग्रवाल ने बताया सहज ध्यान समाधि विश्राम की कला है, कुछ न करने की कला है, लेकिन बहुत से लोगों के लिए कुछ न करना आसान नहीं होता, ध्यान के लिए कई तकनीकें हैं, लेकिन सहज समाधि में, हम गहरे विश्राम की स्थिति तक पहुँचने के लिए आवेशित सूक्ष्म ध्वनियों (मंत्रों) का उपयोग करते हैं। कार्यक्रम में आपको अपना व्यक्तिगत मंत्र दिया जाएगा और सिखाया जाएगा कि ध्यान के लिए इसका उपयोग कैसे करें। मंत्र आपको चेतना के सबसे गहरे स्तरों तक ले जाने का वाहन बन जाता है। जैसे-जैसे आप अपने भीतर गहराई में जाते हैं, आपके अस्तित्व में आनंद, स्पष्टता, शांति, अंतर्ज्ञान और रचनात्मकता उजागर होती है और अंततः आपको पता चलता है कि आप कौन हैं। संगीता अग्रवाल ने अपने सभी वॉलिंटयर का आभार व्यक्त किया जिनके प्रयासों से हम आर्ट ऑफ लिविंग के ज्ञान, जीवन जीने की कला औऱ सुदर्शन क्रिया करवा पा रहे है।

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