ललीत होंडा बौद्धिक भारत भीनमाल
बैंगलोर – मुनिसुव्रत राजेन्द्र जैन श्वेताम्बर टेम्पल ट्रस्ट के तत्वावधान में बीसवें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रत स्वामी का जन्म कल्याणक मनाया गया । तीर्थंकर का जन्म कल्याणक प्रातः स्नात्र महोत्सव से प्रारंभ हुआ । जिसमें मंदिर में सुबह से श्रद्धालु दर्शन – पूजा के लिए उमड़ रहे थे । मुनिसुव्रत स्वामी पंच कल्याणक पूजा मुनिसुव्रत राजेन्द्र जैन महिला मंडल द्वारा संगीतमय धुन एवं परमात्मा भक्ति के गीतों के साथ पढ़ाई गई । इस कार्यक्रम के लाभार्थी हेमराज हस्तीमल छात्रगोता परिवार द्वारा परमात्मा की आरती की गई। पूजा में आये श्रद्धालुओ को श्रीफल की प्रभावना दी गई। मंदिर को फूलो की लड़ियों से सजाया गया । परमात्मा की सुंदर अंगरचना की गई । जिसके दर्शनार्थ के लिए भक्तों का आगमन हुआ ।
परमात्मा के भजनों की बहार हुई, जिसमें श्रद्धालु झूम उठे । इस अवसर पर संघ के प्रकाश हिराणी ने बताया कि परमात्मा का जन्म बिहार राज्य के राजगृही नगर मे हुआ । उनके पिता का नाम सुमित्र राजा एवं माता का नाम पद्मावती रानी था। उनका जन्म ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अष्टमी को हुआ । तीर्थंकर की आत्मा संसार में परम विशिष्ठ लोकोत्म आत्मा होती है। उनका जन्म केवल स्वयं के कल्याण हेतु नही किंतु सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का कारण होता है। इस लिए तीर्थंकर देव का जन्म “जन्म कल्याणक” कहलाता है । मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि इस अवसर पर ओटमल संघवी, ओ. सी. जैन, राजेश कांकरिया, डूंगरमल चोपड़ा, प्रकाश बालगोता, प्रेमा बहन गाँधीमुथा सहित जैन समाज के कई गुरु भक्त उपस्थित रहे ।