भारतीय संस्कृति को महत्व देना चाहिए – विजय मालवीय।

ललित होंडा बौद्धिक भारत भीनमाल

भीनमाल आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय भीनमाल में चल रहे चार दिवसीय आचार्य सम्मेलन के दूसरे दिन वन्दना सभा में विद्या भारती जोधपुर प्रांत के कोषाध्यक्ष विजय मालवीय ने आचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति को महत्व देना चाहिए। पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव को कम करना चाहिए। हमारा लक्ष्य मातृभूमि की सेवा करना है। शिक्षक का कर्तव्य गुणवान, संस्कारवान बालकों का निर्माण करना है। कार्य को सेवा मानने वाला आगे बढ़ता है। बालक माता-पिता से सीखता है। छात्र को त्याग, समर्पण व सेवा का भाव सिखाना चाहिए। समाजहित में कार्य करने का भाव मन में होना चाहिए। समाज और देशहित में अच्छा कार्य करने वाले को दुनिया याद रखती है। संस्कारवान पीढ़ी को गढ़ना आवश्यक है। संस्कारवान पीढ़ी से ही समर्थ भारत का निर्माण होगा। छात्रों को शिष्टाचार एवं कर्तव्य पालन के गुण सीखने चाहिए। राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान नही पहुंचाना चाहिए। प्रकृति की रक्षा करना हम सभी के लिए आवश्यक है। पर्यावरण हमारा मूल आधार है। वर्तमान में प्लास्टिक का प्रयोग बहुत ज्यादा हो रहा है, प्लास्टिक मुक्त विद्यालय परिसर होना आवश्यक है। हिंदी माध्यम में पढ़ने वाले छात्र प्रतिभावान होते है। आचार्य सम्मेलन में शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा पढ़ाए जाने वाले मुख्य विषय हिन्दी, सामाजिक, अंग्रेजी, संस्कृत, विज्ञान, गणित, शिशुवाटिका का प्रशिक्षण, विद्यालय व्यवस्थानुसार प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रधानाचार्य जितेंद्र भोजक ने काव्य गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जिला सचिव अजय कुमार गुप्ता, जिला निरीक्षक नरेंद्र आचार्य, जिला संवाददाता हनुमान प्रसाद दवे, प्रधानाचार्य प्रमोद दवे, भरत वैष्णव, विक्रम कुमार, विष्णुदान चारण, विक्रम सिंह, गजाराम, बनेसिंह, अमित व्यास, उर्मिला खंडेलवाल,ललिता सांखला, बिना शर्मा, गायत्री देवी सहित जिले के समस्त प्रधानाचार्य एवं 270 आचार्य उपस्थित रहे।

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