कोरोना महामारी के कारण लगातार इस बार दूसरे वर्ष भी नवरात्रि के अवसर पर अंबाजी मंदिर के चाचर चौक में गरबे का आयोजन नहीं होगा। नवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया। नवरात्रि पर पिछले 60 वर्षों से गरबा के आयोजन की परंपरा चली आ रही है।
हालांकि श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर परिसर खुला रहेगा।
आरती और दर्शन के समय कोरोना गाइडलाइन का पालन अनिवार्य होगा।
समग्र विश्व में जगत जननी माता अंबे के नाम से गरबा का आयोजन अंबाजी मंदिर के चाचर चौक पर होता है जिसमें हजारों लोग मौजूद रहते हैं। भीड़ की आशंका से गरबे के आयोजक नवयुवक प्रगति मंडल ने इस वर्ष भी गरबा रद्द कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन निज मंदिर में शुभ मुहूर्त के दौरान मंदिर ट्रस्ट के महाराज की ओर से घट स्थापना और ज्वारा उगाने का कार्यक्रम परंपरागत रूप से किया जाएगा ।
आरासुरी देवस्थान ट्रस्ट के प्रशासनिक अधिकारी एस जी चावड़ा ने बताया कि अंबाजी मंदिर के चाचर चौक में नवरात्रि आयोजन को लेकर प्रभारी मंत्री और बनासकांठा कलेक्टर की ओर से समीक्षा की गई ।उनके अनुसार सिर्फ माता की आरती आयोजित की जाएगी ,गरबे का आयोजन नहीं किया जाएगा ।