बालिकाओं के भविष्य के निर्माण में जुटा है कन्याशाला का शिक्षक अमला।

शिक्षा के माध्यम से सर्वांगीण विकास का लक्ष्य।

राहुल कुमार बौद्धिक भारत कुक्षि

कुक्षी – शिक्षा के क्षेत्र में निजी विद्यालयों की ओर बढ़ता आकर्षण अब शासकीय विद्यालयों की ओर तेजी से परिवर्तित हो रहा है । प्रदेश के सरकारी स्कूलों में उच्च शिक्षित शिक्षक होते हैं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का लक्ष्य और तय जिम्मेदारी होती है । प्रशासकीय अधिकारियों का प्रभावी नियन्त्रण रहता है और वे सारी आधुनिक सुविधाएं शासन स्तर से मुहैय्या कराई जाती है जो को भविष्य के निर्माण में शिक्षा के माध्यम से सहायक होती है । बालिकाओं की शिक्षा के लिए स्थानीय शिक्षण संस्था शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुक्षी जो एकीकृत शाला होकर यहां कक्षा 6 से 8 में माध्यमिक स्तर में लगभग 350 छात्राएं तथा हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्तर पर लगभग 1200 छात्राएं कला , विज्ञान , वाणिज्य , गृहविज्ञान तथा कृषि संकाय में अध्ययनरत हैं । इनमें से लगभग 90 प्रतिशत से भी अधिक बालिकाएं ग्रामीण अंचलों से आकर कुक्षी मुख्यालय की इस एकमात्र कन्या विद्यालय में अध्ययन करती हैं। कुक्षी आदिवासी बहुल क्षेत्र होने से यहां 90 प्रतिशत से भी अधिक बालिकाएं अनुसूचित जनजाति वर्ग की हैं जो यहां शिक्षा प्राप्त कर बड़े बड़े ओहदों पर विद्यालय , परिवार व अपने गांव का नाम रोशन कर रही हैं ।

विद्यालय रहता है हर शासकीय गतिविधि का केन्द्र बिंदु

विश्व युवा कौशल दिवस पर संस्था में स्टार्स प्रोजेक्ट अंर्तगत प्रदर्शनी का आयोजन हो या व्यावसायिक शिक्षा के तहत हेल्थ केयर तथा ब्यूटी एंड वेलनेस के अंर्तगत छात्राओं को व्यवसायिक केन्द्रों ,औद्योगिक इकाइयों आईटीआई , सिविल हॉस्पिटल का भ्रमण यह सब व्यवसायिक शिक्षा के तहत संस्था के द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम अनुसार शासकीय पत्रों के परिपालन में कराया जाता है । 17 से 19 जुलाई को मुख्यमंत्रीजी द्वारा स्कूल चलें हम अभियान का प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया जिसका सीधा प्रसारण बालीकाओं को प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया व सुनाया गया । इस अभियान में पंजीकृत वालियंटियर के रूप में शिक्षादुत बनकर युवा व्यवसाई युवराज सेप्टा , व्यवसाई आनन्द गुप्ता , गृहिणी व संस्था की पूर्व छात्रा रही श्रीमती प्रीति गुप्ता , सेवानिवृत्त प्रधानपाठक प्रफुल्ल मधूप , शिक्षक मनोज साधु , प्रभारी प्राचार्य नरेन्द्र सिरवी , कार्यक्रम प्रभारी विनय खामगांवकर , अतिथि शिक्षकों सरोज देसाई , अंजलि राठौर ने छात्राओं की कक्षा में कालांश लेकर पाठ आधारित विषयवस्तु के साथ जीवन में अनुशासन , ध्येय , सदगुण , विश्वसनीयता , सम्मान व माता पिता तथा गुरू के महत्व आदि विषयों पर व्याख्यान दिए । संस्था प्राचार्य व विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में प्रगति के उत्तरोत्तर कदम बढ़ा रही है । सतत एवम व्यापक मूल्यांकन आधारित अधिगम सीसीएलई गतिविधियों का प्रति शनिवार आयोजन कर छात्राओं का चहुमुखी विकास करना , उमंग स्कूल हेल्थ एवम वेलनेस कार्यक्रम अन्तर्गत स्व जागरुकता के साथ जीवन कौशलों का विकास करना , मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के प्रसारण के माध्यम से जानकारी साझा करना जैसे जनोपयोगी व छात्रहितैषी कार्यक्रमों के लिए संस्था अग्रणी रही है ।संस्था की 24 बालिकाओं को सत्र 2022- 23 में मुख्यमंत्री मेधावी छात्र छात्रा प्रोत्साहन लैपटॉप योजना में लैपटॉप के रुपए 25000 की राशि अंतरित की गई है । संस्था की सर्वोच्च अंक प्राप्त छात्रा शिवानी मुकेश राठौर को सर्वाधिक अंक के आधार पर स्कूटी योजना का लाभ प्राप्त हुआ है । संस्था में आईसीटी लैब स्वीकृत होकर छात्राओं को कंप्यूटर के ज्ञान से अवगत कराने हेतु 10 कंप्यूटर सेट प्राप्त हुए हैं जिनका विधिवत संचालन इज सत्र में प्रारम्भ होगा । संस्था का एक निर्धारित गणवेश है जिसे पहनकर सभी छात्राएं अनुशासित रूप से नियमित उपस्थित रहती हैं । कक्षाओं का नियमित रूप से विधिवत संचालन होता है । विषय शिक्षकों की पदपूर्ति होने तक संस्था में एसएमडीसी द्वारा अनुमोदित पैनल के आधार पर अतिथि शिक्षक नियमित शिक्षकों के साथ गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान कर रहे हैं ।

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