संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे आदिवासियों को बुरहानपुर प्रशासन को दबाने के प्रयासों को का किया तीखा विरोध
भीम प्रकाश बोद्ध बौद्धिक भारत मध्यप्रदेश
बङवानी -जागृत आदिवासी दलित संगठन के नेतृत्व में दिनांक 17.05.2023 को हजारों की संख्या में बड़वानी के आदिवासियों द्वारा बुरहानपुर के संगठन कार्यकर्ताओं के ऊपर बुरहानपुर प्रशासन द्वारा लगाए जा रहे झूठे केस एवं आरोपों का विरोध करते हुए आज कड़ी धूप में रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया गया। बुरहानपुर में जागृत आदिवासी दलित संगठन द्वारा शासन प्रशासन से मिलीभगत के चलते पिछले कुछ महीनों में 15000 से ज्यादा जंगल काटे जाने और लकड़ी की तस्करी का विरोध महीनों से चल रहा था । अप्रैल में संगठन द्वारा 3 दिनों तक कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर अधिकारियों से जवाबदेही मांगी गई लेकिन अब प्रशासन द्वारा उल्टा संगठन के कार्यकर्ताओं पर ही झूठे आरोप लगा कर राजनैतिक द्वेष में उनको दबाने की कोशिश की जा रही है । हाल ही में खंडवा और बुरहापुर में वन अधिकार दावेदारों को अवैध रूप से बेदखल करने के प्रयासों का भी आदिवासियों ने कडा विरोध किया – खंडवा में भिलाइखेड़ा ग्राम में 25 घर तोड़े जाने एवं आज ही बुरहानपुर में टंगीयपाठ में 14 घर तोड़े जाने का भी कडा विरोध किया गया । जंगल कटाई और लकड़ी तस्करी का विरोध कर रहे, प्रशासन को कटाई के बारे में सूचित करने वाले पहले व्यक्ति और आदिवासी कार्यकर्ता अंतराम अवासे को 30 अप्रैल को झूठे मामले में गिरफ्तार किया जा चुका गया । इसके बाद 02 मई को संगठन की कार्यकर्ता माधुरी बहन के ऊपर 21 झूठे केस लगाए गए जो बाद में बढ़कर 24 हो गए। अन्य 50 कार्यकर्ताओं पर भी झूठे केस लगाने की धमकी दी गई और संगठन पर बेबुनियाद आरोप भी लगाए गए । माधुरी बाई कौन छे आमू छे आमू छे के नारों के साथ रैली दोपहर 2 बजे इंद्रजीत हॉस्टल से शुरू होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक निकाली गई और माधुरी बहन, अंतराम भाई, नितिन भाई और अन्य साथी कार्यकर्ताओं पर लगाए गए झूठे केस खारिज करने की मांग उठाई गई । कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आदिवासियों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया । हजारों की संख्या में आदिवासियों ने कलेक्टोरेट कार्यालय को घेरा और अपना आक्रोश जताया । जागृत आदिवासी दलित संगठन की महिला कार्यकर्ताओं ने कहा है कि इस बड़वानी में झाड़ लगाने की शुरुआत करने वाली माधुरी बाई है। हमारी बाई इस बड़वानी के गांव गांव गई और सबको पेड़ लगाने की शिक्षा दी है और आज ये ही सरकार उसको जंगल कटाई के झूठे आरोप में फसा रही हैं। उस चोर सरकार को हम आज बोलने आए है सारे केस सरकार वापस ले लिए जाए वरना अब सारे आदिवासी तेरी जेलों में भर जायेंगे । बड़वानी कलेक्ट्रेट के बयान पर कि संगठन बुरहानपुर में उल्टे सीधे काम कर रहा है कड़ी प्रतिक्रिया दी गई । कलेक्टर को चेतवानी दी गई कि पहले संगठन के बारे में जान ले फिर अपनी जबान खोलना । जागृत आदिवासी दलित संगठन के साथ खरगोन, अलीराजपुर और कुक्षी के जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) कार्यकर्ता भी शामिल हुए और सरकार को चेतावनी दी गई कि अगर संगठन कार्यकर्ता माधुरी बहन पर लगाए गए झूठे केस नही हटाए गए तो पूरे मध्य प्रदेश में हम आंदोलन शुरू करेंगे और सामूहिक गिरफ्तारी देने की चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एडिशनल एसपी को सौंपा गया।