राष्ट्रीय महासम्मेलन मंथन 2024 का भव्य समापन सुसंपन्न……..

उन्नत समाज से ही समर्थ राष्ट्र अभ्युदय में अभूतपूर्व योगदान – हितेश्वरा नंद सरस्वती महाराज…..

श्रीमाली ब्राह्मण समाज के संत, महापुरुष, राजनीतिज्ञों ने लिया भाग व कुरुतियों के शमन हेतु लिया सामूहिक संकल्प…..

श्रीमान नगर वर्तमान में भीनमाल ” श्रीमाल ‘ नाम हेतु हजारों की श्रीमाली ब्राह्मणो की मूल उत्पत्ति स्थल भीनमाल से एक गूंज आवाज……

ललीत हौंडा बौद्धिक भारत भीनमाल

भीनमाल :- स्थानीय शहर के क्षेमंकरी तलहटी पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय मंथन महासम्मेलन का दूसरे दिन प्रारंभ हुआ। समारोह का प्रारंभ विप्र शिरोमणि हितेशानंद महाराज, मुख्य अतिथि घनश्याम ओझा, कालंद्री, मुख्य संयोजक वासुदेव अवस्थी, कार्यक्रम समन्वयक दिनेश दवे नवीन, स्थानीय अध्यक्ष शेखर व्यास ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पंडित घनश्याम जोशी ने कहा कि उन्नत समाज से ही समर्थ राष्ट्र के योगदान अभूतपूर्व तथा श्रीमाली ब्राह्मण ऋषि मुनियों की संतान है। समाज में संध्याकर्म,षट्कर्म का विशेष महत्व है। ब्राह्मण जीवन को महान बनाना चाहिए। स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि श्रीमाल भूमि एक महान माघ व बृह्म गुप्त की पवित्र भूमि है,भारत भूमि पर श्रीमाली कुल में जन्म लेना गर्व का विषय है। 2024 में अखिल भारतवर्षीय पुष्कर समाज संस्थान के 108 वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। समाज के विषय और विकार को मिटाना चाहिए। हमे शिक्षा, राजनीति सहित सभी क्षेत्रों में जाना चाहिए व उन्होंने सामूहिक शपथ देकर कुरीतियों जैसे प्रि वेडिंग,फिल्मी सीरियल का हल्दी रस्म, अधिक खर्चीला विवाह,वृति हरण,मेंहदी,महिला संगीत,बढ़ता नशीला सेवन आदि समाज में व्याप्त कुरीतियों के शमन हेतु मातेश्वरी आद्या शक्ति क्षेमकरी व जगत जननी महालक्ष्मी को साक्षी मानकर अक्षरश पालन करने की समूह के साथ शपथ सहर्ष ली और पालन करने की बात की l
राष्ट्रीय अध्यक्ष विधुशेखर दवे व सचिव कैलाश त्रिवेदी ने कहा कि समाज हित में सभी श्रेष्ठ कार्य करने चाहिए। समाज को जोड़ना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से हमने मूल संस्कृति को भूला दिया है। भूले हुए संस्कारों का हमे पुनः स्मरण करना चाहिए। आज हम अल्प संख्यक बनते जा रहे है। हमे जनसंख्या के स्तर पर मजबूत होना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्युशेखर दवे ने कहा कि समाज हित में हो रहे फैसलों पर सभी को एकमत रहना चाहिए। लोकतंत्र पर सभी को बोलने का अधिकार है। शिक्षाविद व समाज सेवी डॉ घनश्याम व्यास भीनमाल ने राष्ट्र अभ्युदय में सकल समाज के शिक्षित व सुसंस्कार मय जीवन की प्रेरणा की बात कही l
व्यास ने कहा कि व्यक्तिगत समाज में कुरीतियों को छोड़कर मानवीय जीवन को साकर करने की बात की l दिनेश दवे ने मंथन को समाज हित में सफल करने की परम आवश्यकता है। मंथन कार्यक्रम मार्गदर्शक सुरेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि समाज की बुराइयों को दूर करने की आवश्यकता है। आज समाज में प्री वेडिंग, हल्दी रस्म सहित कई कुरीतिया फैल रही जिसे समूल शमन करने का सामूहिक निर्णय लिया गया। मंथन के विभिन्न सत्रों में कुरीतियों पर गहन विचार विमर्श कर निर्णय सत्र का सुखद वातावरण से समाज के सभी वर्ग में सम्पूर्ण राष्ट्र में खुशी का वातावरण बना हुआ है। राष्ट्रीय महासम्मेलन मंथन 2024 संचालन डॉ घनश्याम व्यास भीनमाल ने किया l

निम्न कुरीतियों व विषयो के शमन पर हुआ सामूहिक मंथन व निर्णय – प्रि वेडिंग,अधिक खर्चीली जैसे हल्दी रस्म, कच्ची पक्की दस्तूर, मेंहदी रस्म,रिंग सिरेमनी, महिला संगीत का बढ़ता अपव्यय,आपसी कहासुनी को लेकर सामंजस्य हेतु स्थानीय,जिला व राज्य इकाई का गठन,पारंपरिक भोजन व पेरोमनी के स्थान बढ़ता धन का अपव्यय,विवाह का बढ़ता दिखावा व होडाहोडी,सामूहिक विवाह यज्ञोपवित,कथा पर्व आदि के आयोजन, समाज में बढ़ता नशा खोरी,संस्कार शिविर आयोजन,आदि l श्रीमाल में श्रीमाली ब्राह्मणों का ऐतिहासिक व संस्कृत महत्व – पुरातन से श्रीमान नगर वर्तमान में भीनमाल ” श्रीमाल ‘ नाम हेतु हजारों की श्रीमाली ब्राह्मणो की मूल उत्पत्ति स्थल भीनमाल से एक गूंज आवाज में नारा दिया । श्री से विस्थापित श्रीमाल की पुण्य भूमि भीनमाल का इतिहास बड़ा ही गौरव व इतिहास रहा । भीनमाल नगर ‘ श्रीमाल” के महान गौरव व संस्कृत साहित्य की एकमात्र के कालजयी कृति ” शिशुपाल विध ‘ के अमर स्वामिता श्री महाकवि माघ जो जन्म श्रीमाल भीनमाल में रहा है ,। वे श्रीमाली ब्राह्मण समाज के घर जन्म लिया उनके सम्मान में भारत सरकार ने डाक टिकट जारी किया । उसी के साथ खगोलविग , गणितज्ञ श्री ब्रह्मगुप्त का जन्म भी श्रीमाली ब्राह्मण परिवार में हुआ , । इसके साथ भीनमाल में कई पौराणिक कथाओं में गौतम ऋषि की तपस्थली भीनमाल श्रीमाल रहा .। श्रीमाली ब्राह्मण समाज वैदिक ऋचाओं का स्तवन , यज्ञ , विश्व कल्याण की कामना में जुड़े हुए अनुष्ठान सम्पन कर रहे हैं ।
इनकी रही उपस्थित – इस अवसर पर , चिरंजीलाल दवे जालोर, सत्यनारायण व्यास , घनश्याम जोशी , युवा अध्यक्ष आकाश कुमार जोधपुर,महिपाल अवस्थी,सुरेंद्र त्रिवेदी मनोज दवे जोधपुर ,विजय राज जोशी , रमेश दवे धुमडिया , ,प्रवीण एम दवे मनीष दवे , नरोत्तम त्रिवेदी , देवेंद्र त्रिवेदी , सतीश दवे , प्रशांत त्रिवेदी, परशुराम सेवा संस्थान , श्रीमाली ब्राह्मण फाउंडेशन , शंभुदत्त दवे , भगवती प्रसाद दवे , रूपा शंकर दवे , महेश दवे मानवत , शेखर रेवतड़ा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे ।

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