श्रीराम शर्मा पत्रकार बौद्धिक भारत रतलाम
रतलाम, सैलाना में संदीपनी उत्कृष्ट महाविद्यालय और हाई सेकेंडरी स्कूल के ऐतिहासिक ग्राउंड की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। ग्राउंड में गाजर घास (पार्थेनियम) का जखीरा खड़ा हो गया है, जो न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। बारिश के मौसम में यहाँ साँप और अन्य जीव-जंतुओं के निकलने की आशंका रहती है, जिससे स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को खतरा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन एवं नगर परिषद ने इस ऐतिहासिक ग्राउंड की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
ग्राउंड के रखरखाव में पारदर्शिता की कमी – जानकारी के अनुसार, ग्राउंड के रखरखाव के लिए सरकार से धनराशि प्राप्त होती है, लेकिन इसका उपयोग कहाँ हो रहा है, इसकी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से माँग की है कि ग्राउंड के लिए प्राप्त बजट और उसके खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। इस मामले में स्थानीय विधायक प्रतिनिधि श्री शिवा गेहलोत से हस्तक्षेप की माँग की गई है, ताकि इस ऐतिहासिक ग्राउंड को पुनर्जनन किया जा सके।
जुनावास स्कूल के सामने कचरे का ढेर – सैलाना के जुनावास में स्थित एकीकृत नवीन माध्यमिक विद्यालय के सामने स्थानीय द्वारा कचरा डाला जा रहा है, जिससे दुर्गंध की समस्या उत्पन्न हो रही है। यह स्कूल बीआरसी भवन और छात्रावास के निकट है, जिसके कारण विद्यार्थियों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद सैलाना से माँग की है कि इस क्षेत्र की त्वरित सफाई करवाई जाए और कचरा निस्तारण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
मवेशियों से दुर्घटना का खतरा – विद्यालय के सामने मुख्य सड़क पर पशुपालकों द्वारा मवेशियों को लावारिस छोड़ दिया जाता है, जिससे हर समय दुर्घटना का भय बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मवेशियों के लिए गौ-सदन या चरागाह की व्यवस्था करने और पशुपालकों पर सख्त कार्रवाई करने की माँग की है।
प्रशासन से अपील- स्थानीय निवासियों ने विधायक प्रतिनिधि शिवा गेहलोत और नगर परिषद सैलाना से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। गाजर घास को हटाने के लिए जैविक नियंत्रण (मेक्सिकन बीटल) या रासायनिक छिड़काव जैसे उपाय अपनाए जा सकते हैं। साथ ही, कचरा प्रबंधन और मवेशियों की समस्या के समाधान के लिए एक स्थायी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है।