एक माह पहले बारिश में बह गया था ऊपरी हिस्सा पुलिया का, वही घटना गुरुवार को दो बेलों की नाले में गिरने से मॊत हो गयी

रामलाल सोलंकी बौद्धिक भारत निवाली

पिछले सप्ताह से हो रही तेज बारिश के कारण क्षेत्र के सभी नदी व नाले उफान पर चल रहे थे। बारिश थमने के बाद अब इनमें बहने वाली तेज पानी की धारा कम हो गई है। पुलिया के नीचे पानी उतरने के बाद नुकसानी का पता चल रहा है। वहीं एक माह पहले गुमड़िया रोड पर पुलिया के ऊपरी हिस्से के बहने के बाद गुरुवार को आवाजाही के दौरान सामने से वाहन गुजरने के दौरान बेल चमक (भड़क) जानें से वहीं नाले में कुद जाने से पानी के बहाव से पुलिया के पाइप में अटक जाने से दो बेलों की मत हो गई। जर्जर पुलिया से आवाजाही करने में हादसे की आशंका है। गुमड़िया रोड पर गुरुवार को वाहन के गुजरने के दौरान किसान के बैल चमककर नाले में गिर गए। नाले के अंदर पड़ी पाइप पुलिया में फंसने से दोनों बैलों की मौत हो गई। ग्राम गुमड़िया के हिंदू युवा जनजाति संगठन के कार्यकर्ता रिनेश जाधव ने बताया कि किसान छतरसिंह पिता साहदर ग्राम कुसम्या में अपने रिश्तेदार के घर से दो बैल लेकर उन्हें पैदल गांव गुमडिया ले जा रहा था। निवाली व गुमड़िया के बीच नाले से बैल लेकर गुजर रहा। गुजरने पर बैल चमककर नाले में गिर गए। पाइप में फंसने से दोनों की मौके पर मौत हो गई। बैलों की मौत होने से किसान भाई को बड़ा नुकसान हुआ। किसान को प्रशासन की ओर से उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। गांव के लोग ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिया पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। ऐसे में जर्जर पुलिया की मरम्मत कराई जाना चाहिए या नई पुलिया बनाई जाना चाहिए।

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