रामलाल सोलंकी बौद्धिक भारत बड़वानी
बड़वानी 11 जून 2024/ आज आप किस स्थिति में है, यह इतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना महत्वपूर्ण यह है कि कल आप कहां पहुंचना चाहते हैं। मनुष्य की क्षमता अपार है। उसके लिए कोई भी लक्ष्य अप्राप्य नहीं है। मेहनत करने से हर मंजिल मिल जाती है। सफलता सदैव निरंतरता और परिश्रम की अपेक्षा करती है। कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं है। ये बातें शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित प्रेरणा कार्यशाल में तीन सौ से अधिक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राजस्व विभाग में पटवारी और वर्तमान में पीएच.डी. कर रहे श्री अंतिम मौर्य ने कहीं। यह आयोजन प्राचार्य डॉ. दिनेश वर्मा के मार्गदर्शन में हुआ।
सफलता के लिए संघर्ष की कहानियां करती हैं प्रेरित – कॅरियर सेल की कार्यकर्ता प्रीति गुलवानिया और वर्षा मुजाल्दे ने बताया कि कॅरियर सेल द्वारा समय-समय पर सफल युवाओं के संघर्ष की कहानियां नई पीढ़ी को प्रेरणा देती है। श्री अंतिम मौर्य की अब तक की जीवन यात्रा संघर्ष का उदाहरण है। उन्होंने किशोरावस्था में अपनी जीवन यात्रा मकान बनाने वाले कारीगर के साथ कार्य करने वाले मजदूर के रूप में प्रारंभ की थी। अब वे शासकीय सेवा में हैं। उन्होंने एम.ए. में मेरिट लिस्ट में स्थान बनाया है और उनका पीएच.डी. का कार्य पूर्ण हो चुका है।