डॉ. रविन्द्र बरडे को देवी अहिल्या विश्विद्यालय ने भौतिक शास्त्र विषय मे शोध निर्देशक नियुक्त किया।

रामलाल सोलंकी बौद्धिक भारत बड़वानी

आदिवासी बाहुल्य जिला बड़वानी के ग्राम बंधारा खुर्द में एक कृषक परिवार में जन्मे डॉ. रविन्द्र बरडे को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर ने विज्ञान संकाय के भौतिक शास्त्र जैसे कठिन विषय मे शोध निर्देशक बनाया गया जो बड़वानी जिले के लिए गौरव का विषय है,।आज तक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में बड़वानी,सहित खरगोन,अलीराजपुर झाबुआ आदि, महाविद्यालयो में इस विषय मे कोई भी शोध निर्देशक नही है, डॉ बरडे के शोध निर्देशक बन जाने से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के साथ साथ अन्य जिलों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा भौतिकी विषय के नए आयामों को जानने और नवीन शोध कार्य करवाने के लिए मार्गदर्शक व निर्देशक के रूप में हमेशा उपलब्ध रहेंगे।

जिसका श्रेय उन्होंने अपनी जीवन संगिनी श्रीमती संगीता बरडे, ससुर स्व. सिकन्दर सिंह ओशाल सासु माँ श्रीमती शीला देवी ओशाल, पिता श्री मंडाराम बरडे, माता श्रीमती बुवटी बाई बरडे का आशीर्वाद एवं सहयोग व स्वयं की मेहनत के बलबूते पर यह उपलब्धि हासिल की l इस उपलब्धि पर उनकी जीवन संगिनी श्रीमती संगीता रविन्द्र बरडे,बिटिया विधि बरडे, बिटिया मुलाक्षी बरडे, व बिटिया दिव्या बरडे, रवि डावर, अनिल परिहार, शेरसिंह नरगावे, संदीप परिहार, सोहन बर्मन, सुनील वास्कले, राकेश बघेल, कैलाश अलावे,अजय बड़ोले, अनिल जामोद (पांडे), दुर्गेश डावर, सुनील सोलंकी, वीरेंद्र खेड़े, मनीष रावत, प्रेमसिंग सोलंकी, सुनील जमरा एवम समस्त आदिवासी समाज हर्ष व्यक्त करता है l

Comments (0)
Add Comment